Sunday, December 27, 2009

ADVANCE COURSE


7S
(सेवा,Silence,सत्संग,Smile,साधना,Surrender,सतगुरु)


पहले DIN तो लगा जैसे MIL रही हो सज़ा
धीरे-धीरे मौन में भी आने लगा मज़ा,
लीन हो गए सब करने में गुरु की आराधना
आनंद उठाते गए करने में सेवा, सत्संग और साधना,
चार DIN जाने क्यूँ यूँही मुस्कुराते गए हम
KITNA भी DARD हुआ मुस्कुराहट हुई नहीं कम,
गुरूजी का सानीध्य और सतगुरु GYAAN
मेघल भईया ने करवाए हमे बहुत से DHYAAN,
कभी गाँव की औरत तो कभी कोई जानवर बनाया
इन चार DIN में हमने कई KIRDARON को NIBHAYA,
कभी करवाकर योगा तो कभी PRASHANON का उत्तर देकर हमको खूब हंसाया
भारत भईया ने ये COURSE ARRANGE करवाके HARYANA की टोपी पे एक और पंख लगाया,
धन्य हैं वो सेवक (VOLUNTEERS) जो जूटे रहे DIN और रात
करते रहे सेवा और खड़े रहे दे हमारे हाथों में हाथ,
BOTHERATIONS का समर्पण कर हम होई गए FREE
देखो कैसे जादू की छड़ी घुमाते हैं SHRI-SHRI,
यही है कामना की वासुदेव कुटुम्बकम सदैव बढ़ता रहे
सभी रहें मस्त और खुश ऐसे आशीर्वाद गुरुदेव ने है दीए,
I AM PROUD OF BEING FROM FAMILY CALLED ART OF LIVING
EVERYTHING & EVERYONE ELSE EXCEPT GURUJI HAS NOW BECOME PART OF LIVING,
झूम उठे मस्ती में सब अपनी आँखें मूँद
कानों में पहली बार सुनाई पड़ी मौन की गूँज
मौन की गूँज
मौन की गूँज..........